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मीडिया लाउंज

जम्मू एवं कश्मीर के संघ राज्य-क्षेत्र में लागू की जा रही स्मार्ट मीटरिंग परियोजना के संबंध में आरईसीपीडीसीएल द्वारा स्पष्टीकरण जारी करना
तारीख 30-07-2020

कुछ व्यक्तियों ने आरईसीपीडीसीएल द्वारा संघ राज्य क्षेत्र जम्मू और कश्मीर में कार्यान्वित की जा रही स्मार्ट मीटरिंग परियोजना के संबंध में विवरण दिए हैं। उन्होंने तथ्यों का पता लगाने की कोशिश नहीं की है।

तथ्य इस प्रकार हैं: 1.155 लाख स्मार्ट मीटर लगाने के लिए उपरोक्त परियोजना मैसर्स टेक्नो इलैक्ट्रिक एंड इंजीनियरिंग कं. लि. (एक भारतीय कंपनी) को सितंबर, 2019 में अवार्ड की गई थी। स्मार्ट मीटरिंग परियोजना में मुख्यतः चार घटक हैं अर्थात मीटर, आरएफ कम्युनिकेशन, एमडीएम और सिस्टम इंटिग्रेटर। विभिन्न घटकों अर्थात मीटर, आरएफ कम्युनिकेशन, एमडीएम और सिस्टम इंटिग्रेटर के लिए इसके सभी उप-संविदाकारों सहित सफल बोलीदाता (मैसर्स टेक्नो इलैक्ट्रिक) भारत में पंजीकृत कंपनियां हैं।

विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार ने दिनांक 02.07.2020 को एक आदेश संख्या 25-11/6/2018-पीजी जारी किया, जो कि विद्युत आपूर्ति प्रणाली और नेटवर्क में अति संवेदनशील स्थिति के संबंध में था, जो कि आयातित उपकरणों में मालवेयर/ट्रोजन आदि के जरिए साइबर हमला होने के कारण उत्पन्न हो सकती है। आदेश के तहत "प्रायर रेफरेंस" देशों से उपकरणों/घटकों/पुर्जों के किसी आयात के लिए भारत सरकार की पूर्व अनुमति अपेक्षित है, साथ ही इनकी प्रमाणित और निर्दिष्ट प्रयोगशालाओं में टेस्टिंग भी आवश्यक है। इस आदेश के जारी होने के बाद, सभी नए/वर्तमान ठेकों की समीक्षा की जा रही है और उस समीक्षा के भाग के रूप में उपरोक्त परियोजना का एक उप-ठेकेदार, जो भारत में पंजीकृत एक कंपनी के माध्यम से था, और जिसकी भारत में निर्माण सुविधाएं हैं, चीन की एक कंपनी की सहायक कंपनी पाई गई। उस उप-ठेकेदार को परियोजना से हटाने का निदेश दिया गया था क्योंकि उप-ठेकेदार को जारी रखने के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक होगी और प्रत्येक आपूर्ति किए गए उपकरण की टेस्टिंग अपेक्षित होगी, जिससे कार्यनिष्पादन में अस्वीकार्य विलंब होगा।

प्रमुख ठेकेदार ने आरईसीपीडीसीएल को सूचित किया है कि उन्होंने उस ठेकेदार को हटा दिया है। हमने भी आरईसी और सरकार को तद्नुसार सूचित कर दिया है।

यह भी उल्लेखनीय है कि इस संविदा को प्रदान करने का कार्य करीब एक वर्ष पूर्व पूरा हो गया था और इसीलिए इसे बाद की कार्यवाही से जोड़ना गलत और पक्षपातपूर्ण दिखाई देता है। यह कंपनी देश के कानून का अक्षरशः पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

पृष्ठ को अंतिम बार अद्यतन किया गया: 17/06/2026 - 04:39 PM
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